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Office bearers
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Office bearers

  • Com. Balbir Singh

    [ President ]
  • Com. P. Abhimanyu

    [ General Secretary ]
  • Com. Swapan Chakraborty

    [ Deputy General Secretary ]
  • Com. Gakul Borah

    [ Treasurer ]

Dada Ghosh Bhawan, 2151/1, New Patel Nagar, Opp. Shadipur Bus Depot, New Delhi- 110008

011-25705385(Office), 011-25894862(Fax)

envelopebsnleuchq@gmail.com
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  • Com. Balbir Singh

    [ President ]
  • Com. P. Abhimanyu

    [ General Secretary ]
  • Com. Swapan Chakraborty

    [ Deputy General Secretary ]
  • Com. Gakul Borah

    [ Treasurer ]

Dada Ghosh Bhawan, 2151/1, New Patel Nagar, Opp. Shadipur Bus Depot, New Delhi- 110008

011-25705385(Office), 011-25894862(Fax)

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Hindi translation of "Victory has a hundred fathers."

अंग्रेजी में एक कहावत है,

"विक्टरी हैज़ ए हंड्रेड फादर्स एंड डेफ़ीट इज ऑलवेज एन ऑर्फ़न."
तात्पर्य यह कि "जीत के सौ दावेदार होते हैं और पराजय हमेशा अनाथ सी होती है।"

यह कहावत एक बार फिर सही साबित हुई है। AUAB को BSNL रिटायरीज के पेंशन रिवीजन के संबंध में एक और सफलता मिली है। अभी तक DOT इस बात पर अडिग था कि BSNL रिटायरीज को  कार्यरत कर्मचारियों के वेज रिवीजन के बाद ही पेंशन रिवीजन मिल पाएगा। इस संबंध में DOT द्वारा लिखित में CMD BSNL को सूचित भी किया गया था। BSNLEU का यह स्पष्ट मत था कि पेंशन रिवीजन को कार्यरत कर्मियों के वेज रिवीजन से सम्बद्ध (लिंक) नही किया जाए। इसी प्रकार अन्य संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अपनी ऐसी ही राय रखी थी। लेकिन अब यह हर कोई जानता है कि AUAB द्वारा दिए गए जोरदार झटके की वजह से ही इसका निराकरण संभव हुआ है। अगर हम इसकी पृष्ठभूमि पर दृष्टिपात करें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि BSNL के असंख्य एग्जीक्यूटिव और नॉन एग्जीक्यूटिव के द्वारा प्रदर्शित हड़ताल की तैयारी की वजह से ही सेक्रेटरी, टेलीकॉम ने AUAB को 02.12.2018 को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। और इसी मीटिंग में, संभवतः पहली बार, सेक्रेटरी, टेलीकॉम द्वारा जानकारी दी गई कि DOT ने पेंशन रिवीजन को कार्यरत कर्मियों के वेज रिवीजन से पृथक (delink) करने का निर्णय लिया है। किंतु AUAB के नेतृत्व में देश के सभी एग्जीक्यूटिव और नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मियों के जबरदस्त प्रयासों की अनदेखी कर कुछ लोगों द्वारा इस उपलब्धि का श्रेय लूटना अपने आप में हास्यास्पद है।

[Date : 06 - Dec - 2018]