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Office bearers
+-

Office bearers

  • Com. Balbir Singh

    [ President ]
  • Com. P. Abhimanyu

    [ General Secretary ]
  • Com. Swapan Chakraborty

    [ Deputy General Secretary ]
  • Com. Gakul Borah

    [ Treasurer ]

Dada Ghosh Bhawan, 2151/1, New Patel Nagar, Opp. Shadipur Bus Depot, New Delhi- 110008

011-25705385(Office), 011-25894862(Fax)

envelopebsnleuchq@gmail.com
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  • Com. Swapan Chakraborty

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BSNL Employees Union (CHQ), New Delhi

28 - Oct - 2018
Press release of the AUAB, to be issued to the media, in the "Press Meets" to be conducted on 29.10.2018

Press release of the AUAB, to be issued to the media, in the "Press Meets" to be conducted on 29.10.2018. Circle Secretaries are requested to issue this press release to the media in the regional language.

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27 - Oct - 2018
Hindi Translation of decisions of CEC meeting of BSNLEU held at Ghaziabad on 22nd & 23rd October, 2018.

बीएसएनएल एम्प्लॉईज यूनियन की गाज़ियाबाद में  22 और 23 अक्टूबर 2018 को सम्पन्न सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग में लिए गए निर्णय

 

  1. मीटिंग ने 28.09.2018 को नई दिल्ली में हुए नेशनल कन्वेंशन ऑफ वर्कर्स द्वारा सरकार की कॉरपोरेट समर्थक और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लिए गए 8 और 9 जनवरी 2019 की दो दिवसीय हड़ताल के निर्णय का सहर्ष स्वागत किया। मीटिंग ने सीएचक्यू, सर्किल और डिस्ट्रिक्ट यूनियन्स से दो दिवसीय हड़ताल की सफलता के लिए देश भर में प्रभावशाली अभियान चलाने का आव्हान किया। मीटिंग ने यह भी निर्णय लिया कि कर्मचारियों को संगठित करने के लिए परिमंडल स्तर पर विस्तारित सीईसी (एक्सटेंडेड सीईसी) मीटिंग  और जिला स्तर पर आम सभाएं की जाएं।

 

  1. माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा वेज रिवीजन, पेंशन रिवीजन, 4G स्पेक्ट्रम का आवंटन और कर्मचारियों के वास्तविक मूल वेतन पर आधारित पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन का भुगतान आदि मुद्दों पर दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब के खिलाफ AUAB द्वारा लिए गए आंदोलन के निर्णय का भी मीटिंग ने स्वागत किया। मीटिंग ने 30.11.2018 तक मुद्दों का निराकरण होने की स्थिति में AUAB के हड़ताल पर जाने के निर्णय का भी समर्थन किया। मीटिंग ने सर्किल और डिस्ट्रिक्ट यूनियन्स से पुनः  पूर्ण गंभीरता के साथ स्ट्राइक और जरूरी होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की सफलता के लिए कर्मचारियों को लामबंद करने का आव्हान किया।

 

  1. मीटिंग ने नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मियों के वेज रिवीजन के संबंध में हुई प्रगति की समीक्षा की। मीटिंग में इस बात पर संतोष व्यक्त किया गया कि जॉइंट कमिटी फ़ॉर निगोशिएशन ऑफ वेज रिवीजन में नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मियों की दोनों मान्यता प्राप्त यूनियन, BSNLEU और NFTE, संयुक्त दृष्टिकोण अपनाए हुए हैं। मीटिंग ने इस पर भी संतोष व्यक्त किया कि जॉइंट कमिटी में नए पे स्केल्स लगभग लगभग इस तरह से फायनलाइज हो चुके हैं कि वेज रिवीजन पश्चात किसी भी नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मी के प्रकरण में स्टेग्नेशन की स्थिति निर्मित   हो। मीटिंग में मैनेजमेंट द्वारा 31.12.2016 को देय HRA फ्रीज करते हुए एग्जीक्यूटिव्ज के लिए 3rd PRC की अनुशंसा किए जाने और HRA रिवीजन के साथ वेज रिवीजन प्रस्ताव डॉट द्वारा अनुमोदन किए जाने के तर्क के आधार पर मैनेजमेंट साइड के HRA फ्रीज करने के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की गई। मीटिंग ने अपना दृष्टिकोण रखते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव से कर्मचारियों की बड़ी संख्या HRA रिवीजन होने की स्थिति में इस लाभ से आगामी 10 वर्षों तक वंचित रहेगी। इसलिए मीटिंग ने CHQ  को HRA रिवीजन के साथ वेज रिवीजन सुनिश्चित करने हेतु हर संभव प्रयास करने का अनुरोध किया।

 

  1. जनवरी 2019 में होने वाली दो दिवसीय आम हड़ताल के परिप्रेक्ष्य में ऑल इंडिया कांफ्रेंस की तारीख में परिवर्तन कर पूर्व निर्धारण ( प्री-पोन ) करने के ऑल इंडिया सेन्टर के निर्णय का समर्थन किया। ऑल इंडिया कांफ्रेंस के आयोजन हेतु वित्तीय स्थिति पर गहन विचार विमर्श पश्चात रु 1000/- डेलिगेट फीस निर्धारित की गई। मीटिंग ने ऑल इंडिया कांफ्रेंस की सफलता हेतु सभी से पूर्ण सहयोग करने का अनुरोध किया।

 

  1. कैज्युअल और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की समस्याओं के निराकरण के लिए बीएसएनएल कैज्युअल  कॉन्ट्रैक्ट फेडरेशन द्वारा 20 नवंबर 2018 को धरना आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। मीटिंग ने इस प्रोग्राम की सफलता के लिए सभी सर्किल और डिस्ट्रिक्ट यूनियन्स से सहयोग की अपील की। 

 

  1. मीटिंग ने  30.09.2018 को भोपाल में जबरदस्त रूप से सफल यंग वर्कर्स कन्वेंशन के आयोजन के लिए CHQ और मध्यप्रदेश सर्किल यूनियन की प्रशंसा की। ऑल इंडिया यंग वर्कर्स कन्वेंशन की तर्ज पर मीटिंग ने सभी सर्कल्स में (जहां कन्वेंशन हुआ हो) यंग वर्कर्स कन्वेंशन आयोजित करने का अनुरोध किया।

 

  1. मीटिंग ने बीएसएनएल वर्किंग वूमन्स कोआर्डिनेशन कमिटी की कार्यशैली की भी समीक्षा की और संतोष व्यक्त किया। मीटिंग ने बेंगलुरु में सफल ऑल इंडिया कमिटी मीटिंग एडवा की वाईस प्रेसिडेंट कॉम सुधा सुंदरराजन द्वारा उद्भोतित प्रभावशाली सेमिनार के आयोजन पर संतोष प्रकट किया। मीटिंग ने मध्यप्रदेश सर्किल द्वारा BSNL WWCC के सर्किल लेवल कन्वेंशन तमिलनाडु सर्किल द्वारा सर्किल कांफ्रेंस के सफल आयोजन पर भी संतोष व्यक्त किया। जिन सर्कल्स में अभी तक वर्किंग वूमन्स कोआर्डिनेशन का गठन नही हुआ है, वे सर्कल्स शीघ्र गठन करें, यह अनुरोध भी मीटिंग ने किया।

 

  1. मीटिंग ने AUAB द्वारा बीएसएनएल की सेल्स और मार्केटिंग गतिविधियों को गतिशील बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए " बीएसएनएल आपके द्वार " (BSNL at Your Door Step) कार्यक्रम का भी स्वागत किया। मीटिंग ने इस पर भी हर्ष व्यक्त किया कि " बीएसएनएल आपके द्वार " कार्यक्रम का उद्घाटन कॉर्पोरेट ऑफिस में 24.09.2018 को बीएसएनएल की ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती मैरी कोम द्वारा सभी AUAB लीडर्स और सीजीएम्स की उपस्थिति में किया गया। इस तरह " बीएसएनएल आपके द्वार " कर्मचारियों और मैनेजमेंट का संयुक्त उपक्रम बन गया है। मीटिंग ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि " बीएसएनएल आपके द्वार " अभी तक लय में नही पाया है। अतः मीटिंग ने सभी सर्किल और डिस्ट्रिक्ट यूनियन से अनुरोध किया है कि " बीएसएनएल आपके द्वार " कार्यक्रम को अन्य यूनियन्स और एसोसिएशन्स के साथ मिल कर सफल बनावें।

 

  1. मीटिंग ने CHQ द्वारा वेबसाइट पर हिंदी में भी अपडेट करने के प्रयास की प्रशंसा की। मीटिंग ने महसूस किया कि इस प्रयास से हिंदी भाषी क्षेत्र के कर्मचारी भी राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों को करीब से जान पाएंगे। मीटिंग ने CHQ से इस पहल को जारी रखने का अनुरोध किया।

27 - Oct - 2018
Hindi translation of resolution on Wage Revision, passed in the Central Executive Committee meeting of BSNL Employees Union, held at Ghaziabad.

बीएसएनएल एम्प्लॉईज यूनियन की गाज़ियाबाद में  22 और 23 अक्टूबर 2018 को सम्पन्न सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग में वेज रिवीजन पर प्रस्ताव पारित

 

तृतीय PRC की अनुशंसाओं में उल्लेखित "एफोरडीबिलिटी क्लॉज़" को रिलैक्स करने हेतु कैबिनेट के अनुमोदन के लंबित रहते वेज रिवीजन के निराकरण हेतु डॉट द्वारा मान्यताप्राप्त यूनियन्स के साथ निगोशिएशन्स की अनुमति के बाद इस संबंध में हुई प्रगति पर बीएसएनएल ईयू की सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी चिंता व्यक्त करती है। जॉइंट कमिटी फ़ॉर निगोशिएटिंग वेज सेटलमेंट की कई बैठकें हो चुकी है और नए पे स्केल्स लगभग लगभग फायनलाइज किए जा चुके हैं।

 

किन्तु हाल ही में, HRA के रिवीजन को ले कर गतिरोध उत्पन्न हो गया है। जॉइंट कमिटी में मैनेजमेंट साइड द्वारा बताया गया कि बीएसएनएल की चिंताजनक वित्तीय स्थिति के मद्दे नज़र नॉन एग्जीक्यूटिव्ज का HRA रिवीजन नही किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मैनेजमेंट द्वारा 31.12.2016 को देय HRA फ्रीज करते हुए एग्जीक्यूटिव्ज के लिए 3rd PRC की अनुशंसा की जा चुकी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि एग्जीक्यूटिव्ज के लिए HRA फ्रीज करना प्रस्तावित कर दिया गया है, नॉन एग्जीक्यूटिव्ज को HRA रिवीजन नही दिया जा सकता है। स्टाफ साइड को यह भी बताया गया कि  HRA रिवीजन से रु 570 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ेगा, परिणाम स्वरूप DOT द्वारा वेज रिवीजन प्रस्ताव खारिज़ करने की संभावना बनी रहेगी।  मैनेजमेंट साइड द्वारा यह भी प्रस्ताव रखा गया था कि बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति सुदृढ होने पर HRA रिवीजन पर विचार किया जा सकता है। किंतु मैनेजमेंट का यह प्रस्ताव किसी भी रूप में स्वीकार्य नही है।

 

बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के नाम पर कर्मचारियों को HRA रिवीजन से इंकार न केवल अ-न्यायसंगत है बल्कि दिग्भ्रमित करने वाला भी है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि सम्पूर्ण टेलीकॉम मार्किट में मची उथल पुथल रिलायंस जियो की प्रिडेटरी प्राइसिंग की वजह से है। यह भी नही भूलना चाहिए कि एयरटेल और वोडाफोन आईडिया जैसे बड़े ऑपरेटर्स भी हानि की स्थिति में पहुंच गए हैं। साथ ही, इन ऑपरेटर्स पर भारी कर्ज भी है, जबकि तुलनात्मक रूप से बीएसएनएल का कर्ज नगण्य है। हम यहां यह भी बताना चाहेंगे कि 2017 में एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया की तुलना में मोबाइल सेगमेंट में बीएसएनएल की तीव्र वृद्धि हुई है। इसके अलावा ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार भी रिलायंस जियो के अलावा बीएसएनएल ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसने वर्ष 2017 में AGR में वृद्धि दर्ज की है। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक जून में समाप्त तिमाही में बीएसएनएल के AGR में 6.8% की वृद्धि हुई है।

 

इसलिए, हम यहां यह इंगित करना चाहेंगे कि बीएसएनएल डूबने वाला जहाज नही है। मार्किट के विश्लेषकों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है कि अप्रैल 2019 के बाद कॉल और डेटा के टैरिफ में बढ़ोतरी होना शुरू होगी। अतः बीएसएनएल का वित्तीय संकट ज्यादा समय तक नही रहेगा। जैसे ही रिलायंस जियो द्वारा निर्मित तबाही से मार्किट उबरेगा, बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होना शुरू हो जाएगा।

 

ऐसे में, बीएसएनएल की वर्तमान वित्तीय स्थिति का हवाला दे कर कर्मचारियों को आगामी दस वर्षों के लिए HRA रिवीजन नकारना पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है। बीएसएनएल ईयू की यह सीईसी मीटिंग बीएसएनएल मैनेजमेंट से नॉन एग्जीक्यूटिव कर्मियों के वेज रिवीजन के अविलंब व शीघ्र निराकरण की मांग करती है, वह भी HRA रिवीजन के साथ।

27 - Oct - 2018
Organise press-meets effectively on 29.10.2018. Organise dharnas massively on 30.10.2018.

The AUAB has given call to organise press-meets on 29-10-2018 and dharnas on 30-10-2018, demanding immediate implementation of the assurances given by the Honb’le Minister of State for Communications. Circle and district unions are requested to organise the press-meets effectively and dharnas massively, in close coordination with the other unions and associations. CHQ wishes to remind comrades that the press-meet and dharna are preparatory to strike. Hence, maximum efforts should be taken to organise both the programme most successfully.

26 - Oct - 2018
Decisions of the CEC meeting of BSNLEU, held at Ghaziabad on 22nd & 23rd October, 2018.

  1. The meeting whole-heartedly welcomed the decision of the National Convention of Workers, held at New Delhi on 28.09.2018, calling on the working class of India to organise a two day General Strike on 08th & 09th January, 2019, against the pro-corporate and anti-people policies of the government. The meeting called upon the CHQ, circle and district unions to conduct an effective campaign throughout the country, to organise the two day General Strike. The meeting also decided that Extended Circle Executive Committee meeting should be organised in all circles, and also mass meetings should be organised at the district levels, to mobilise the employees.

 

  1. The meeting welcomed the decision of the AUAB to organise agitational programme, on the issue of non-implementation of the assurances given by the Hon’ble Minister of State for Communications, on wage revision, allotment of 4G spectrum to BSNL, pension revision and payment of pension contribution by BSNL on the actual basic pay of the employees. The meeting also endorsed the decision of the AUAB to go on strike action, if the issues are not settled by 30th November, 2018. The meeting further called upon the circle and district unions to seriously mobilise the employees for a strike action, including that of an indefinite strike, if necessary.

 

  1. The meeting reviewed the developments that have taken place regarding the wage revision of the Non-Executives. The meeting expressed it’s satisfaction that BSNLEU and NFTE, the two Recognised Unions of the Non-Executives, are adopting a unified approach in the Joint Committee for Negotiation of wage revision. The meeting also expressed it’s satisfaction that the new pay scales are almost finalised in the Joint Committee in such a manner that, the problem of stagnation is not likely to arise after the wage revision. However, the meeting expressed it’s concern that on the issue of HRA revision, the Management Side had proposed to freeze the HRA as of 31.12.2016, on the plea that the Management had already recommended to freeze the HRA of the Executives in the similar manner, and also on the plea that the DoT might not give it’s approval for the wage revision together with HRA revision. The meeting expressed it’s view that a large number of employees will be deprived of the benefit of HRA revision for the next 10 years, if HRA revision is denied. Hence, the meeting urged upon the CHQ to take all out efforts to ensure wage revision, together with HRA revision.  

 

  1. The meeting endorsed the decision of the All India Centre to prepone the dates of the All India Conference, in view of the 2 day General Strike to be organised in January, 2019. After in-depth discussion of the financial position for conducting the All India Conference, the meeting decided to fix Rs.1,000/- as delegate fee for the All India Conference. The meeting requested all the comrades to cooperate on this issue, so that the All India Conference can be conducted successfully.

 

  1. The BSNL Casual Contract Workers Federation has decided to organise dharna on 20th November, 2018, demanding settlement of the problems related to the casual and contract workers. The meeting called upon the circle and district unions to extend all out support for the success of this programme.

 

  1. The meeting appreciated the CHQ and the Madhya Pradesh circle union for organising a highly successful Young Workers’ Convention at Bhopal on 30th September, 2018. As a follow up to this All India Young Workers’ Convention, the meeting urged upon the circle unions to organise the Young Workers’ Convention, wherever it is not held so far.

 

  1. The meeting reviewed the functioning of BSNL Working Women’s Coordination Committee and expressed it’s satisfaction. The meeting expressed satisfaction about the successful conducting of the All India Committee meeting at Bengaluru and also about organising an impressive women’s seminar, addressed by Com.Sudha Sundararaman, Vice President of AIDWA. The meeting also noted with satisfaction that circle level convention of Madhya Pradesh for organising BSNL WWCC and also the circle conference of Tamil Nadu have taken place successfully. The meeting called upon the circle unions to expeditiously form the Working Women’s Coordination Committee in whichever circle it is not yet formed.

 

  1. The meeting welcomed the decision taken by the AUAB for launching the “BSNL At Your Door Steps” movement, to intensify the sales and marketing activities of BSNL. The meeting also noted with satisfaction that the “BSNL At Your Door Steps” movement has been inaugurated by Ms. Mary Kome, the brand ambassador of BSNL at the Corporate Office on 24.09.2018 in the presence of the representatives of the AUAB and all the CGM’s. Thus, the “BSNL At Your Door Steps” movement has become a joint venture of the employees and the Management. However, the meeting noted with concern that the “BSNL At Your Door Steps” has not picked up steam yet. Hence, the meeting urged upon all the circle and district unions to take all out efforts to make the “BSNL At Your Door Steps”, a grand success, by closely coordinating with other unions and associations.

 

  1. The meeting appreciated the CHQ that it has started making website updatings in Hindi also, on important issues. The meeting viewed that this efforts will enable the comrades in the Hindi speaking circles also to closely follow the All India level developments. The meeting urged upon the CHQ to continue with this effort.

26 - Oct - 2018
Hindi translation of resolution on non-implementation of assurances given by the Hon'ble MoS(C), passed in the CEC meeting of BSNLEU, held at Ghaziabad.

माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अ-क्रियान्वयन पर बीएसएनएल एम्प्लॉईज यूनियन की गाज़ियाबाद में  22 और 23 अक्टूबर 2018 को सम्पन्न सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग में प्रस्ताव पारित

 

यह सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमिटी मीटिंग 24.02.2018 को AUAB के साथ हुई मीटिंग में माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अ-क्रियान्वयन पर गहरी चिंता व निराशा व्यक्त करती है। माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा निम्न 4 प्रमुख मुद्दों पर दिए गए आश्वासनों पश्चात लगभग 8 माह बीत चुके हैं।

 

AUAB के साथ 24.02.2018 को  हुई मीटिंग में माननीय संचार राज्य मंत्री ने सहर्ष आश्वस्त किया था कि बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन के निराकरण के लिए 3rd PRC में उल्लेखित "एफोरडीबिलिटी क्लॉज़" को शिथिल करने हेतु यूनियन कैबिनेट के विचारार्थ कैबिनेट नोट प्रस्तुत किया जाएगा।

 

बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम आवंटन बाबद भी माननीय संचार राज्य मंत्री ने विश्वास दिलाया था कि बीएसएनएल मैनेजमेंट द्वारा प्रस्तावित टर्म्स एवं कंडीशन्स के आधार पर बीएसएनएल को शीघ्र ही 4G स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। यहां यह बताना भी महत्वपूर्ण है कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा संसद के पटल पर भी इस संबंध में बयान दिया गया था। इसी प्रकार पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के मसले पर भी माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा बगैर लागलपेट के सेक्रेटरी डॉट को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस संबंध में बीएसएनएल में भी भारत सरकार के नियम लागू होंगे। माननीय संचार राज्य मंत्री महोदय ने बीएसएनएल में एब्सॉर्ब हो चुके रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन रिवीजन करने का भी आश्वासन दिया था।

 

यह अत्यंत विचलित करने वाली स्थिति है कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों पश्चात 8 माह की समयावधि बीत जाने के बावजूद DOT ने अभी तक एफोरडीबिलिटी क्लॉज़ से छूट दिलाने के संबंध में कैबिनेट नोट भी प्रस्तुत नही किया है। DOT द्वारा यह नोट बनाने के बाद भी कैबिनेट नोट अंतर मंत्रालयों के विचार विमर्श हेतु भेज जाएगा, जिसमें कुछ और महीने लगेंगे।

 

डॉट द्वारा कैबिनेट नोट बनाने में की जा रही देरी एक तरह से बीएसएनएल कर्मियों को वेज रिवीजन से वंचित करने के समान ही है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि पार्लियामेंट इलेक्शन्स की घोषणा फरवरी/मार्च 2019 में कई जा सकती है, बीएसएनएल कर्मियों को एफोरडीबिलिटी क्लॉज़ से छूट दिलाने की संभावनाएं दिन प्रतिदिन क्षीण होती जा रही है।

 

बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति के नाम पर कर्मचारियों को HRA रिवीजन से इंकार न केवल अ-न्यायसंगत है बल्कि दिग्भ्रमित करने वाला भी है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि सम्पूर्ण टेलीकॉम मार्किट में मची उथल पुथल रिलायंस जियो की प्रिडेटरी प्राइसिंग की वजह से है। यह भी नही भूलना चाहिए कि एयरटेल और वोडाफोन आईडिया जैसे बड़े ऑपरेटर्स भी हानि की स्थिति में पहुंच गए हैं। साथ ही, इन ऑपरेटर्स पर भारी कर्ज भी है, जबकि तुलनात्मक रूप से बीएसएनएल का कर्ज नगण्य है। हम यहां यह भी बताना चाहेंगे कि 2017 में एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया की तुलना में मोबाइल सेगमेंट में बीएसएनएल की तीव्र वृद्धि हुई है। इसके अलावा ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार भी रिलायंस जियो के अलावा बीएसएनएल ही एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसने वर्ष 2017 में AGR में वृद्धि दर्ज की है। ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक जून में समाप्त तिमाही में बीएसएनएल के AGR में 6.8% की वृद्धि हुई है।

 

इसलिए, हम यहां यह इंगित करना चाहेंगे कि बीएसएनएल डूबने वाला जहाज नही है। मार्किट के विश्लेषकों ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है कि अप्रैल 2019 के बाद कॉल और डेटा के टैरिफ में बढ़ोतरी होना शुरू होगी। अतः बीएसएनएल का वित्तीय संकट ज्यादा समय तक नही रहेगा। जैसे ही रिलायंस जियो द्वारा निर्मित तबाही से मार्किट उबरेगा, बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होना शुरू हो जाएगा।

 

डॉट द्वारा बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम के आवंटन में की जा रही देरी से बीएसएनएल की वित्तीय स्थिति को गंभीर क्षति पहुंच रही है। डॉट द्वारा किए जा रहे विलंब से बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रति डॉट की अनिच्छा ही परिलक्षित होती है। माननीय संचार राज्य मंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के सम्बंध में निर्णय लेने में डॉट द्वारा की जा रही देरी अक्षम्य है। बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मियों के पेंशन रिवीजन के संबंध में भी डॉट का यह स्पष्ट मत है कि पेंशन रिवीजन सीधे सीधे बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन से जुड़ा हुआ है, जो कि पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है। CCS पेंशन रूल्स 1972 के दायरे में आने वाले अन्य सभी पेंशनर्स की तरह बीएसएनएल में एब्सॉर्ब हो चुके बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारियों का पेंशन रिवीजन भी तत्काल प्रभाव से होना चाहिए, बगैर बीएसएनएल कर्मियों के वेज रिवीजन का इन्तजार किए।

 

डॉट द्वारा माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों को लागू न करना तो दुर्भाग्यपूर्ण है ही, किन्तु उससे भी अधिक दुर्भाग्यजनक  AUAB के असंख्य निवेदन के पश्चात सेक्रेटरी, डॉट द्वारा AUAB को मिलने हेतु समय नही दिए जाना है। यहां यह बताना महत्वपूर्ण होगा कि माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा AUAB के साथ 24.02.2018 को सम्पन्न मीटिंग में यह भी आश्वासन दिया गया था कि उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों की प्रगति की समीक्षा हेतु निश्चित अंतराल से AUAB द्वारा सेक्रेटरी, डॉट से मीटिंग ली जा सकती है।

 

ऐसी परिथिति में माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा  दिए गए आश्वासनों को लागू करने में की जा रही बेइंतहा देरी की ओर डॉट का ध्यान आकर्षित करने के लिए AUAB द्वारा 11 जुलाई 2018 को प्रदर्शन व 24, 25, 26 जुलाई 2018 को क्रमिक भूख हड़ताल की जा चुकी है। इसके बाद पुनः AUAB के प्रतिनिधियों ने 1 अगस्त 2018 को संसद भवन में माननीय संचार राज्य मंत्री से मुलाकात कर उनसे उनके द्वारा दिए गए आश्वासनों को लागू करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।

 

माननीय संचार राज्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों के शांतिपूर्ण निराकरण के लिए AUAB द्वारा किए गए हर संभव प्रयासों के बावजूद डॉट द्वारा उत्पन्न अवरोधों की वजह से किसी भी मुद्दें पर संतोषप्रद प्रगति नही हो सकी है।

 

इन परिस्थितियों में AUAB के पास आंदोलन को उग्र करने के अलावा कोई चारा नही है। अतः 08.08.2018 को हुई मीटिंग में AUAB ने निम्नानुसार आंदोलन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सेक्रेटरी,डॉट और सीएमडी, बीएसएनएल को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि 30 नवंबर 2018 तक आश्वासन अनुसार कार्यवाही न होने पर कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

 

29.10.2018 - पत्रकार वार्ता, जिला व परिमंडल स्तर पर

30.10.2018 - धरना, कॉर्पोरेट, परिमंडल व जिला स्तर पर

14.11.2018 - रैली, कॉर्पोरेट, परिमंडल व जिला स्तर पर

 

बीएसएनएल ईयू की यह सीईसी मीटिंग सभी परिमंडल व जिला यूनियन्स से अनुरोध करती है कि उपर्युक्त प्रोग्राम व्यापक और प्रभावशाली तरीके से आयोजित करें।

 

चूंकि AUAB द्वारा 30.11.2018 पश्चात हड़ताल का निर्णय लिया जा चुका है, सभी परिमंडल व जिला यूनियन उपर्युक्त प्रोग्राम के दौरान शिद्दत के साथ सफल हड़ताल, आवश्यक होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने हेतु प्रचार प्रसार करें।

26 - Oct - 2018
9th All India Conference - Eligibility of delegates of J&K and NTR Delhi circles.

CHQ has received the district wise break-up figures of quota received for the years 2016 & 2017, from J&K and NTR Delhi circles. Based on this, the number of delegates eligible to each of the district of these circles is enclosed.

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25 - Oct - 2018
BSNLEU's CEC decisions are conveyed to the CMD BSNL.

The two day CEC meeting of BSNLEU held at Ghaziabad on 22nd & 23rd October, 2018, has passed a resolution, calling upon the employees to get ready for a strike action, including that of an indefinite strike, for the settlement of wage revision and implementation of other assurances given by the Hon’ble Minister of State for Communications. Com. P. Abhimanyu, GS, met Shri Anupam Shrivastava, CMD BSNL, yesterday, and communicated to him about the decision taken in the CEC meeting to go on strike. The CMD BSNL gave a patient hearing to the General Secretary and assured to make necessary intervention on this matter.

25 - Oct - 2018
Hon'ble Minister of State for Communications may meet the AUAB on 29.10.2018.

In his meeting with Shri Anupam Shrivastava, CMD BSNL, Com. P. Abhimanyu, GS, insisted arrangement of an early meeting between the Hon’ble Minister of State for Communications and the AUAB. He also pointed out to the CMD BSNL that the meeting predicted to be taking place on 18.10.2018 also did not materialise. In reply to this, the CMD BSNL told the General Secretary that, he was taking serious efforts to arrange a meeting between the Hon’ble Minister of State for Communications and the AUAB, and it may probably take place on 29.10.2018.

25 - Oct - 2018
Shri Vivek Banzal joins as the new Director (CFA) of BSNL.

Shri Vivek Banzal has joined as the new Director (CFA) of BSNL. The Corporate Office has mentioned in his posting order that, his appointment is subject to the outcome of the case filed in the Hon’ble CAT, Jabalpur Bench, by Dr.Mahesh Shukla, CGM, Madhya Pradesh. BSNLEU heartily welcomes Shri Vivek Banzal, the new Director (CFA) and wishes him all success.

25 - Oct - 2018
Non-payment of GPF advance - BSNLEU draws the attention of Director (HR).

It is reported from many circles, including Gujarat, Haryana and Punjab that employees are not getting GPF payment. They are told that this is due to the non-remittance of employees’ GPF contribution to the DoT, by BSNL. The matter is taken to the notice of the Director (HR) and the GM (BFCI). The Director (HR) has assured BSNLEU that needful action would be taken.

25 - Oct - 2018
Hindi translation of the resolution on the two day general strike, to be held on 08th & 09th January, 2019.

बीएसएनएल ईयू की गाज़ियाबाद में सम्पन्न सीईसी में 8 और 9 जनवरी 2019 की आम हड़ताल को ले कर प्रस्ताव पारित

 

नई दिल्ली में 28.09.2018 को सम्पन्न मजदूर कर्मचारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन ( नेशनल कन्वेंशन ऑफ वर्कर्स ) ने समस्त वर्किंग क्लास को 8 और 9 जनवरी 2019 की आम हड़ताल में शामिल होने का आव्हान किया है।

 

नरसिम्हा राव-मनमोहन सिंह द्वय द्वारा 1991 में शुरू की गई नव उदारवादी नीतियों को लागू हुए लगभग 27 वर्ष हो चुके हैं। तत्पश्चात, सत्तासीन होने वाली समस्त सरकारों ने इन नीतियों को बहुत ही सावधानी पूर्वक तरीके से जारी रखा है। इस दौरान, साल दर साल भारतीय और बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट्स को बड़ी बड़ी रियायतें (कन्सेशन्स) दी गई। इसके साथ ही, कमजोर तबकों को खाद्यान, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में दी जा रही सब्सिडी में लगातार कटौती की गई। इसीलिए हम नव उदारवादी नीतियों को अमिरोन्मुखी (प्रो-रिच) व गरीब विरोधी (एन्टी-पुअर) नीतियां कहते हैं।

 

बड़े कॉर्पोरेट्स को पब्लिक सेक्टर बैंक्स में आम जनता की जमा राशि की लूट की छूट दी गई है। कॉर्पोरेट्स द्वारा ऋण के रूप में लिए गए करोड़ों रुपए लौटाए नही गए हैं। सरकार द्वारा इस राशि की वसूली हेतु कड़ी कार्यवाही करने की बजाय इसे डूबत कर्ज (बैड लोन) निरूपित कर समय समय पर ऋण माफ किया जा रहा है। इस तरह, अपने नीतिगत निर्णयों के तहत, आनेवाली सरकारों ने कॉर्पोरेट्स के लिए जनता की जमा पूंजी की लूट का मार्ग प्रशस्त किया है और दूसरी ओर पब्लिक सेक्टर बैंक्स को बीमार निकायों में तब्दील किया जा रहा है।

 

सरकार की गलत नीतियों की वजह से कृषि क्षेत्र भी बड़े संकट में है। सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार 1995 से 2014 के मध्य 2, 96, 438 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यह बेहद व्यथित करने वाली स्थिति है। प्रत्येक सरकार ने कृषि क्षेत्र की उपेक्षा की है। कर्ज का बोझ, मानसून की बेरुखी, सरकार द्वारा लागत मूल्य भुगतान सुनिश्चित न करना आदि इस दुखद स्थिति के कारण है। वर्तमान सरकार भी इन मुद्दों की ओर निरंतर रूप से आंख मूंदे हुए है। 

 

विगत 27 वर्षों में नव उदारवादी नीतियों को लागू करने की वजह से देश में व्यापक रूप से असमानता की स्थिति निर्मित हुई है। एक ओर देश के अलग अलग हिस्सों से भुखमरी से हुई मौतों की खबरें प्राप्त हो रही है, वहीं दूसरी ओर चंद मुट्ठी भर लोगों के हाथों में विशाल संपदा का संचयन है। ऑक्सफेम की रिपोर्ट के अनुसार 2017 में अर्जित 73% संपदा जनसंख्या के 1% उच्च वर्ग ने हासिल की है। जबकि निचले तबके के 67 करोड़ भारतीयों को इसका केवल 1% हिस्सा ही मिल पाया है। इसी प्रकार फ्रेंच टेक फर्म कैपगेमिनी के अनुसार 2017 में "हाई नेटवर्थ इंडिविज्यूअल्स (HNI)" की संख्या में 20% का इजाफ़ा हुआ है। HNI वह शख्स है जिसके पास एक मिलियन से अधिक विनिवेश योग्य संपत्ति (investible assets) है।

 

मोदी सरकार, जिसके पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत है, ने पब्लिक सेक्टर पर अप्रत्याशित हमले किए हैं। भारतीय रेलवे और सुरक्षा उपकरणों का उत्पाद करने वाली पब्लिक सेक्टर फैक्ट्रीज भी निजीकरण की समस्या से जूझ रही है। सरकार ने 2017-18 में विनिवेश के रूप में 1 लाख करोड़ रुपए प्राप्त किए हैं जबकि विनिवेश का लक्ष्य रु 75,000 करोड़ ही था। यह नरेंद्र मोदी सरकार की सार्वजनिक उपक्रम विरोधी नीतियों के बारे में बताने के लिए पर्याप्त है।

 

रिलायंस जियो द्वारा प्रीडेटरी प्राइसिंग ( लागत से कम मूल्य) अपनाने की वजह से दूरसंचार उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। मोदी सरकार मुकेश अम्बानी के स्वामित्व की रिलायंस जिओ को सम्पूर्ण रूप से बेझिझक हर संभव सहयोग कर रही है। इसका अनुपम उदाहरण है श्री जे एस दीपक, सेक्रेटरी डॉट की अनौपचारिक ढंग से डॉट से रवानगी, वह भी केवल इसलिए कि उन्होंने रिलायंस जियो की प्रिडेटरी प्राइसिंग का विरोध किया था। साथ ही, सरकार बीएसएनएल को खत्म करने का  हर संभव प्रयास कर रही है। सब्सिडियरी टॉवर कंपनी का निर्माण इसी दिशा में की गई एक कोशिश है। पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन के नाम पर बीएसएनएल से प्रचुर राशि ऐंठना, बीएसएनएल को 4G स्पेक्ट्रम के आवंटन में आनाकानी आदि सब कुछ बीएसएनएल को खत्म करने हेतु सरकार द्वारा खेले जा रहे खेल का हिस्सा है।

 

सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स व बीएसएनएल ईयू सहित विभिन्न उद्योगों के स्वतंत्र फेडरेशन सरकार की अमीर समर्थक और गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर रहे हैं। उनके द्वारा 12 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल मुद्दों के निराकरण की मांग की जा रही है। 2015 की एक दिन की आम हड़ताल, 2016 में 2 दिवसीय हड़ताल, 2017 में हुआ महापड़ाव ये सब वे संघर्ष हैं जो मोदी सरकार की कॉर्पोरेट समर्थक और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ गए हैं। फिर भी, सरकार 12 सूत्रीय मांगपत्र पर विचार करने के मूड में दिखती प्रतीत नही हो रही है।

 

ऐसी परिस्थितियों में नई दिल्ली में 28.09.2018 को सम्पन्न मजदूर- कर्मचारियों के राष्ट्रीय सम्मेलन ने दो दिवसीय हड़ताल का आव्हान किया है। बीएसएनएल ईयू ने, अपने स्थापना वर्ष 2001 से इन सभी आम हड़तालों में शिरकत की है। बीएसएनएल ईयू की यह सेंट्रल एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग नेशनल कन्वेंशन ऑफ वर्कर्स के कॉल का समर्थन करती है। यह मीटिंग बीएसएनएल में हड़ताल की सफलता हेतु सीएचक्यू, सर्किल और डिस्ट्रिक्ट यूनियन्स का पूर्ण गंभीरता के साथ कैंपेन करने का आव्हान करती है।

24 - Oct - 2018
Non-implementation of the assurances of the Hon'ble MoS(C) - CEC meeting of BSNLEU calls upon the employees to get prepared for strike action, including an indefinite strike.

Non-implementation of the assurances of the Hon’ble MoS(C), on wage revision, allotment of 4G spectrum, pension revision and payment of pension contribution on actual basic pay, was seriously discussed in the CEC meeting of BSNLEU, held at Ghaziabad on 22nd & 23rd October, 2018. Since Parliament elections are approaching fast, time left with us for the settlement of wage revision, is running out. In view of this the CEC meeting has called upon the BSNL employees to massively organise the agitational programme called on by the AUAB, and also prepare the employees for strike action, including an indefinite strike.

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24 - Oct - 2018
Do not freeze HRA - demands the CEC meeting of BSNLEU.

The CEC meeting of BSNLEU, held at Ghaziabad, on 22nd & 23rd October, 2018, seriously discussed about the stand of the Management, on denial of HRA revision. The meeting did not accept the denial of HRA revision to BSNL employees, citing the company’s financial position. The meeting has demanded that the Management should settle the wage revision, with HRA revision.

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24 - Oct - 2018
CEC meeting of BSNLEU calls on the employees to massively participate in the 2 day General Strike, to be held on 08th & 9th January, 2019.

The CEC meeting of BSNLEU, seriously discussed the call given by the National Convention of Workers, held at New Delhi on 28.09.2018, for a two day strike to be held on 08th & 9th January, 2019. At a time when serious attempts are being made by the government, to finish off the Public Sector Undertakings, a united struggle of the Indian working class against the anti-PSU and pro-private policies of the government has to be organised successfully. The CEC meeting has called on the employees to participate enmasse in the two day general strike.

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24 - Oct - 2018
CEC resolution on the revival of BSNL.

The CEC meeting of BSNLEU discussed in depth, and passed a resolution about the ways and means for the financial revival of BSNL, in a scenario wherein the technology is changing fast.

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24 - Oct - 2018
Central Government removes Alok Verma from the post of CBI Director ? officer probing corruption charges against Rakesh Asthana is transferred to Andaman & Nicobar.

The Central Government has sent the CBI Director, Alok Verma, on leave and has appointed Nageswar Rao as the new Director of the CBI. Earlier, an FIR has been filed against Rakesh Asthana, who is the Special Director of CBI, on charges of huge corruptions. It is alleged that Rakesh Asthana has taken more than Rs.2 crore as bribe from meat exporter, Moin Qureshi. Following this, Alok Verma, CBI Director, was summoned for discussion by Prime Minister, Narendra Modi. Following this, Alok Verma was removed from the post of CBI Director. Together with this, the CBI officer who has been probing the corruption charges against Rakesh Asthana has also been transferred to Andaman & Nicobar. It is widely seen in the media that, Alok Verma has been removed, only to protect Rakesh Asthana who is an IPS officer belonging to Gujarat.

23 - Oct - 2018
Ghaziabad CEC meeting successfully concluded.

The two day Central Executive Committee meeting of BSNLEU, came to a successful conclusion today. All the Circle Secretaries and Central Office Bearers deliberated on the report on activities submitted by the General Secretary. At the end of the meeting today, Com.P. Abhimanyu, GS, summed up the discussions. In this meeting it is decided to participate in the two day general strike, scheduled to be held on 08th & 9th January, 2019. The meeting also decided to organise all the calls of AUAB successfully, including the strike call, if any. The detailed note on the decisions taken will be uploaded on the website tomorrow.

22 - Oct - 2018
The two day CEC meeting of BSNLEU started enthusiastically at Ghaziabad.

The two day Central Executive Committee meeting of BSNLEU started enthusiastically at ALTTC, Ghaziabad, today. The meeting started with the hoisting of Union flag by Com. P.Abhimanyu, GS. Com.Upendar Singh Teotia, circle secretary, UP (West) circle, which is hosting the CEC meeting, welcomed everyone. Com.Balbir Singh, President, delivered the presidential address. Com.Swapan Chakraborty, Dy.GS, moved the condolence resolution. The house paid homage to the departed leaders, by observing a minute's silence. Shri M.K.Seth, CGM, ALTTC, greeted the meeting. Thereafter, Com.P.Abhimanyu, GS, presented the report on activities. In his speech, the General Secretary, explained about the issues of the two day General Strike to be held on 8th and 9th January, 2019, wage revision, subsidiary tower company, agitational call of the AUAB, settlement of the long pending issues of the Non-Executives, holding of the All India Conference at Mysuru from 17th to 20th December, 2018, etc. The General Secretary appreciated the UP(West) circle union for making good arrangements for the meeting.  Deliberations by the CEC members started after lunch.

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20 - Oct - 2018
BSNLEU pays condolences to the victims killed by train at Amritsar.

BSNLEU is shocked that 62 innocent people were killed at Amritsar last night. The accident has happened when a train ran over the people who had gathered in connection with the Dussehra celebrations. BSNLEU conveys it’s heartfelt condolences to the families of those killed in the accident. On knowing the news through media, CHQ immediately requested the Amritsar district union and the Punjab circle union to extend all assistance, including providing communication facilities, blood donation, etc.